धौलपुर: जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान (IPS) ने बसईडांग और सोने का गुर्जा पुलिस थानों के साथ-साथ सेवर पाली और बिजौली पुलिस चौकियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक द्वारा थाने का निरीक्षण करते हुए
निरीक्षण के दौरान क्या देखा?
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने थानों और चौकियों में मौजूद रिकॉर्ड, साफ-सफाई, कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों और पुलिसकर्मियों से इलाके की कानून व्यवस्था की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली।
इसके साथ ही उन्होंने लंबित मामलों, अपराध नियंत्रण और गश्त व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि क्षेत्र में अपराध की रोकथाम के लिए नियमित निगरानी और सतर्कता बनी रहे।
ग्रामीणों से संवाद भी किया
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को भी सुना। उन्होंने ग्रामीणों से क्षेत्र में कानून व्यवस्था, सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर फीडबैक लिया।
ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और सुझाव साझा किए, जिस पर पुलिस अधीक्षक ने त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि पुलिस आमजन की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और हर शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों से संवाद करते पुलिस अधीक्षक
विशेष अभियान पर जोर
पुलिस अधीक्षक ने इस दौरान चल रहे विशेष अभियानों ‘ऑपरेशन प्रहार’ और ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन अभियानों के तहत अधिक से अधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए जिले में कानून व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। साथ ही संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
पुलिसकर्मियों को दिए ये निर्देश
- अपराध नियंत्रण पर विशेष ध्यान
- गश्त व्यवस्था को मजबूत करना
- जनता से संवाद बढ़ाना
- लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण
- विशेष अभियानों में सक्रिय भागीदारी
महत्त्वपूर्ण कदम
पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान का यह निरीक्षण प्रशासन की सक्रियता और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। थानों और चौकियों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया है कि अपराध और लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं है।
साथ ही ग्रामीणों से सीधे संवाद कर पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का प्रयास भी किया गया है, जिससे आने वाले समय में कानून व्यवस्था और बेहतर होने की उम्मीद है।
