अलर्ट: फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए रोडवेज मुख्यालय ने तैयार किया नया ‘डिजिटल’ प्रस्ताव। अब केवल एडमिट कार्ड दिखाना काफी नहीं होगा।

जयपुर/राजस्थान। राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान होने वाली भारी भीड़ और एडमिट कार्ड के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) एक नया और सख्त डिजिटल सिस्टम लागू करने जा रहा है। अब तक चली आ रही ‘दिखाओ और सफर करो’ वाली व्यवस्था में सरकार बड़ा बदलाव करने वाली है।

1. प्रस्तावित नियम: 36 घंटे पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

रोडवेज प्रशासन के उच्च सूत्रों के अनुसार, व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए एक नया सॉफ्टवेयर/पोर्टल तैयार किया गया है। इसके लागू होने के बाद परीक्षार्थियों को निम्नलिखित प्रक्रियाओं का पालन करना होगा:

  • सीट लॉकिंग: परीक्षार्थी को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 36 घंटे पहले रोडवेज के आधिकारिक पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कर अपनी सीट ‘लॉक’ करनी होगी।
  • डॉक्यूमेंट अपलोड: रजिस्ट्रेशन के समय वैध एडमिट कार्ड और एक फोटो पहचान पत्र पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
  • डिजिटल कूपन: सत्यापन के बाद अभ्यर्थी के मोबाइल पर एक क्यूआर कोड (QR Code) या डिजिटल रसीद भेजी जाएगी, जिसे कंडक्टर की ई-टिकटिंग मशीन से स्कैन करने के बाद ही ‘शून्य राशि’ का टिकट जारी होगा।

2. आखिर क्यों पड़ी इस सख्त नियम की जरूरत?

रोडवेज विभाग ने अपनी आंतरिक जांच में पाया कि मुफ्त यात्रा की सुविधा का बड़े स्तर पर दुरुपयोग हो रहा था।

  • फर्जी एडमिट कार्ड: कई शातिर लोग पुराने परीक्षाओं के एडमिट कार्ड में डेट एडिट करके मुफ्त यात्रा का लाभ उठा रहे थे।
  • भीड़ प्रबंधन (Crowd Management): विभाग को पहले से यह जानकारी नहीं मिल पाती थी कि किस जिले से कितने छात्र निकलने वाले हैं। 36 घंटे पहले का डेटा मिलने से रोडवेज को यह पता चल सकेगा कि किस रूट पर कितनी अतिरिक्त बसें लगानी हैं।
  • राजस्व का नुकसान: फर्जी यात्रियों के कारण रोडवेज को सालाना करोड़ों रुपये के राजस्व की चपत लग रही थी, जिसे रोकने के लिए अब आधार लिंक वेरिफिकेशन पर जोर दिया जा रहा है।

3. अभ्यर्थियों के लिए संभावित चुनौतियाँ

जहाँ यह नियम व्यवस्था में सुधार लाएगा, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के अभ्यर्थियों के लिए कुछ चुनौतियां भी खड़ी हो सकती हैं:

  • इंटरनेट की समस्या: दूर-दराज के गांवों में रहने वाले छात्रों के लिए 36 घंटे पहले पोर्टल पर एडमिट कार्ड अपलोड करना मुश्किल हो सकता है।
  • तकनीकी खामियां: परीक्षा के समय सर्वर डाउन होने की स्थिति में छात्रों को टिकट मिलने में परेशानी आ सकती है।
विशेष नोट: यदि यह प्रस्ताव पूरी तरह लागू होता है, तो बिना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के कंडक्टर टिकट जारी नहीं कर पाएगा। ऐसे में छात्र को सामान्य किराया चुकाना होगा। विभाग फिलहाल इस सिस्टम का सुरक्षा ऑडिट करवा रहा है।

‘द एक्सपोजर न्यूज’ की सलाह: जैसे ही नया पोर्टल लाइव हो, अभ्यर्थी समय रहते अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें ताकि परीक्षा के दिन सफर में कोई बाधा न आए।

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(नोट: यह जानकारी रोडवेज के प्रस्तावित नीतिगत बदलावों और विभागीय चर्चाओं पर आधारित है। आधिकारिक क्रियान्वयन के लिए RSRTC के नोटिफिकेशन की प्रतीक्षा करें।)

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