जयपुर: राजस्थान में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक बारिश और आंधी की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। दो नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार मौसम खराब रहने की संभावना है। जहां एक ओर आमजन को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं किसानों के लिए यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय बन सकती है।
कब से शुरू होगी बारिश की गतिविधि?
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 2 अप्रैल से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। दोपहर बाद जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी और बीकानेर संभाग के जिलों में आंधी और बारिश की गतिविधियां शुरू होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद 3 और 4 अप्रैल को एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे बारिश का दायरा और अधिक बढ़ जाएगा।
विभाग का अनुमान है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में लगातार मौसम अस्थिर बना रहेगा और 7-8 अप्रैल के आसपास एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे प्रदेश में एक बार फिर बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिलेगा।
इन संभागों में सबसे ज्यादा असर
3 और 4 अप्रैल को जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ आंधी और मेघगर्जन की संभावना है। कई जगहों पर ओलावृष्टि होने के भी संकेत दिए गए हैं।
किसानों के लिए क्यों खतरनाक है यह बारिश?
यह बेमौसम बारिश किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है। इस समय प्रदेश में कई जगहों पर फसलें पककर तैयार हैं और कटाई का समय चल रहा है। ऐसे में अचानक होने वाली बारिश और ओलावृष्टि फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें। खुले में रखे अनाज को ढककर रखें और कृषि मंडियों में रखी उपज को सुरक्षित भंडारण में शिफ्ट करें ताकि नुकसान से बचा जा सके।
पिछले 24 घंटों का मौसम अपडेट
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में आंधी और हल्की बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी राजस्थान के सांभर (जयपुर) में सबसे अधिक 34 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि पश्चिमी राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के करणपुर में 4 मिमी बारिश दर्ज हुई।
जहां एक ओर इस बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं तेज आंधी और बारिश के कारण जनजीवन भी प्रभावित हो सकता है। बिजली आपूर्ति बाधित होने, पेड़ गिरने और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मौसम परिवर्तन जलवायु अस्थिरता का संकेत भी हो सकता है, जहां एक ओर गर्मी बढ़ रही है तो दूसरी ओर अचानक बारिश और आंधी जैसे हालात बन रहे हैं।
राजस्थान में अगले एक सप्ताह तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की स्थिति पैदा कर सकते हैं। जहां आमजन को राहत मिलेगी, वहीं किसानों को अपनी फसल बचाने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।
