खंडार। खंडार खंड मुख्यालय पर 14 फरवरी को विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः महिलाओं एवं बालिकाओं द्वारा निकाली गई भव्य कलश यात्रा से हुई। यात्रा खारी बाबड़ी हनुमान जी मंदिर से प्रारंभ होकर शुक्ला कॉलोनी, सब्जी मंडी, गीता भवन होते हुए अग्रवाल धर्मशाला स्थित सम्मेलन पांडाल तक पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और श्रद्धालु शामिल रहे।

सम्मेलन स्थल पर पहुंचने के बाद भक्तों द्वारा राम भक्ति गीतों का सामूहिक गायन किया गया। मंच पर संत महाराज विराजमान रहे। मुख्य वक्ता का उद्बोधन कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, सवाई माधोपुर जिले के जिला संघ चालक गोविंद प्रसाद ने कहा कि विभिन्न जातियों के सम्मेलन होते रहे हैं, लेकिन खंडार में पहली बार सर्व समाज का विशाल हिन्दू सम्मेलन आयोजित होना महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा—
- “हिंदुत्व ही विश्वबंधुत्व की आधारशिला रख सकता है। यदि हिन्दू समाज संगठित होगा तो वह विश्व को भी एकता का मार्ग दिखा सकेगा।”
- मातृभूमि की अखंडता और सम्मान बनाए रखने के लिए समाज का संगठित रहना आवश्यक है।
- जातिभेद हिन्दू धर्म का मूल अंग नहीं, बल्कि समय के साथ उत्पन्न हुई परिस्थितिजन्य बुराई है।

उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि 1857 के समय भारत का क्षेत्रफल लगभग 83 लाख वर्ग किलोमीटर था, जो विभाजन के बाद घटकर लगभग 33 लाख वर्ग किलोमीटर रह गया। उन्होंने समाज में एकता और सांस्कृतिक जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया।
पंच परिवर्तन का आह्वान
वक्ता ने समाज में पंच परिवर्तन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि —
- नागरिक कर्तव्य
- पर्यावरण संरक्षण
- सामाजिक समरसता
- स्व-अतीत का बोध
- कुटुंब प्रबोधन
इन मूल्यों को अपनाकर ही समाज और राष्ट्र को वैभवशाली बनाया जा सकता है। उन्होंने संयुक्त परिवार व्यवस्था, कर्तव्यबोध और सामाजिक सहयोग की परंपरा को भारतीय पहचान बताया।
संतों का संदेश
संत महाराज ने मंत्रोच्चार के साथ आशीर्वचन देते हुए समाज सुधार और कुरीतियों के परित्याग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज सदैव समावेशी और दयालु रहा है, लेकिन समाज को संगठित रहना आवश्यक है।
उन्होंने गौ संरक्षण और भारतीय जीवन पद्धति के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
बड़ी संख्या में सहभागिता
सम्मेलन में आसपास के गांवों से सैकड़ों महिला-पुरुषों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में प्रसादी वितरण किया गया।

इस अवसर पर खंडार खंड संघ चालक ओमप्रकाश, पूर्व संघ चालक रामस्वरूप मंगल, मोतीलाल बहराउण्डा कला, जगमोहन खटीक, बजरंग जाट, ललित शर्मा, हरीलाल एडवोकेट, चंद्रशेखर एडवोकेट, कैलाश मोदी, ओम दुर्गा सिंह, कुंज बिहारी बालेर, योगेश एडवोकेट, राधेश्याम सैनी, नरेश बैरवा सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
