बामनवास (गंगापुर सिटी)।

बामनवास उपखंड कार्यालय (SDM Office) से करीब दो महीने पहले हुई संवेदनशील सरकारी दस्तावेजों की चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मामले का पर्दाफाश कर दो युवतियों और दो कबाड़ियों सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी हुए सरकारी दस्तावेज, वारदात में इस्तेमाल जुगाड़ वाहन और एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी बरामद किया है।

खिड़की तोड़कर चुराई थीं चुनाव संबंधी पत्रावलियां

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बीती 19 अप्रैल की देर रात अज्ञात बदमाशों ने बामनवास एसडीएम कार्यालय की निर्वाचन शाखा (Election Branch) की खिड़की तोड़कर अंदर प्रवेश किया था। बदमाश वहां से आगामी चुनाव और अन्य प्रशासनिक कार्यों से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण सरकारी पत्रावलियां और दस्तावेज चुराकर फरार हो गए थे। इस संबंध में कार्यालय की ओर से मामला दर्ज कराया गया था, जिसके बाद पुलिस लगातार मुखबिरों और तकनीकी इनपुट के आधार पर संदिग्धों पर नजर रख रही थी।

मुखबिर की सूचना पर पकड़ा गया जुगाड़ वाहन

मामले का खुलासा 1 जून को हुआ, जब पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि एक जुगाड़ वाहन में भारी मात्रा में रद्दी कागजात भरकर ले जाए जा रहे हैं, जिनमें सरकारी दस्तावेज होने की पूरी आशंका है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन को रुकवाया और उसकी तलाशी ली। जांच करने पर वाहन में वही दस्तावेज मिले जो एसडीएम कार्यालय से चोरी हुए थे।

कबाड़ियों की निशानदेही पर युवतियां गिरफ्तार

पुलिस ने जुगाड़ वाहन में सवार पिपलाई निवासी दोनों कबाड़ियों, शरीफ और सौहिल खां को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा किया। कबाड़ियों ने बताया कि उन्होंने ये तमाम सरकारी दस्तावेज लाडा काडा की ढाणी निवासी दो युवतियों से खरीदे थे।

इस जानकारी के बाद पुलिस ने मंगलवार को त्वरित कार्रवाई करते हुए पिपलाई रेलवे स्टेशन के पास से संगीता और अंजली उर्फ पूर्ति उर्फ लक्ष्मी को हिरासत में लिया। पूछताछ में जुर्म कबूलने के बाद पुलिस ने दोनों युवतियों सहित चारों आरोपियों को आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस प्रशासन का बयान:
“चोरी गए सभी महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज बरामद कर लिए गए हैं। गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों से फिलहाल गहन पूछताछ की जा रही है कि इस चोरी के पीछे उनका मुख्य मकसद सिर्फ रद्दी बेचना था या इसके पीछे कोई और बड़ी साजिश थी। मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।”

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