करौली कलेक्ट्रेट में हुई उच्च स्तरीय बैठक, दोनों पक्षों ने भाईचारा बनाए रखने और संवाद जारी रखने पर जताई सहमति

करौली/सवाई माधोपुर। पांचना बांध के पानी को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद के समाधान की दिशा में मंगलवार को महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। करौली कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में पांचना बांध के कैचमेंट क्षेत्र और कमांड क्षेत्र के किसान प्रतिनिधि आमने-सामने बैठे तथा अपनी-अपनी मांगों और चिंताओं को प्रशासन एवं सरकार के समक्ष रखा।

बैठक ग्रामीण विकास विभाग के सचिव कृष्ण कुणाल और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस बीजू जॉर्ज जोसफ के निर्देशन में आयोजित की गई। इसमें दोनों क्षेत्रों के किसानों के साथ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।

पानी सभी किसानों के काम आए, इस बात पर बनी सहमति

बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने खुलकर अपनी बात रखी। चर्चा के दौरान इस बात पर व्यापक सहमति बनी कि पांचना बांध का पानी न्यायसंगत और संतुलित तरीके से सभी किसानों के हित में उपयोग होना चाहिए। अधिकारियों ने भी संवाद के माध्यम से समाधान निकालने पर जोर दिया।

सरकार ने दिखाई 50 करोड़ की लिफ्ट परियोजना की राह

बैठक में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने बजट घोषणा के तहत 50 करोड़ रुपये की पांचना लिफ्ट सिंचाई परियोजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। अधिकारियों के अनुसार परियोजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही इसके कार्यों को गति दी जाएगी।

यह जानकारी सामने आने के बाद कैचमेंट क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने मांग की कि स्वीकृत परियोजना का कार्य बिना किसी देरी के शुरू कराया जाए ताकि क्षेत्र के किसानों को राहत मिल सके।

कमांड क्षेत्र के किसानों ने नहरों में तत्काल पानी छोड़ने की मांग दोहराई

दूसरी ओर कमांड क्षेत्र के किसान प्रतिनिधियों ने उच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए पांचना बांध से नहरों में तत्काल पानी छोड़े जाने की मांग दोहराई। किसानों का कहना था कि लंबे समय से क्षेत्र के किसान सिंचाई जल का इंतजार कर रहे हैं और न्यायालय के निर्देशों की पालना सुनिश्चित की जानी चाहिए।

जातीय टिप्पणियों से दूर रहने का लिया संकल्प

बैठक का सबसे सकारात्मक पहलू यह रहा कि दोनों क्षेत्रों के किसानों ने आपसी सौहार्द और भाईचारे को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर सहमति व्यक्त की। किसान प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की जातिगत या नकारात्मक टिप्पणी से बचा जाएगा तथा विवाद का समाधान बातचीत और संवाद के माध्यम से तलाशा जाएगा।

प्रशासन ने की धरना समाप्त करने की अपील

बैठक के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों से आंदोलन और धरना समाप्त करने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि विवाद के समाधान के लिए संवाद का वातावरण बनाए रखना आवश्यक है और सभी पक्षों को मिलकर स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

समाधान की उम्मीद, बुधवार को फिर होगी बैठक

बैठक में शामिल किसान प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि किसी भी बड़े विवाद का समाधान बातचीत और विश्वास के वातावरण में ही संभव है। इसी क्रम में पांचना विवाद के समाधान की दिशा में आगे बढ़ते हुए दोनों पक्षों के साथ एक और बैठक 24 जून को दोपहर 3 बजे करौली कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की जाएगी।

वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी

बैठक में संभागीय आयुक्त भरतपुर नलिनी कठोतिया, भरतपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक कैलाश चंद्र विश्नोई, सवाई माधोपुर जिला कलेक्टर कानाराम, करौली जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा, करौली पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल, सवाई माधोपुर पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी सहित सिंचाई विभाग और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

किसान प्रतिनिधियों ने रखा पक्ष

कैचमेंट क्षेत्र की ओर से अशोक सिंह धाभाई, रामस्वरूप एडवोकेट, भानु प्रताप सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वहीं कमांड क्षेत्र की ओर से रघुवीर प्रसाद मीणा, महेंद्र सिंह एवं अन्य किसान प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लेकर अपनी बात रखी।

अब सबकी नजर अगली बैठक पर

पांचना बांध को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच यह बैठक समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब किसानों, प्रशासन और आमजन की निगाहें बुधवार को होने वाली अगली बैठक पर टिकी हैं, जहां इस विवाद के स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस सहमति बनने की उम्मीद जताई जा रही है।

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