राजस्थान भ्रष्टाचार

धौलपुर नगर परिषद रिश्वतकांड में DLB की बड़ी कार्रवाई, आरोपियों को विशेष एसीबी कोर्ट में किया गया पेश, अदालत ने आरोपियों को भेजा न्यायिक अभिरक्षा में

प्रकाशन: डिजिटल ब्यूरो |
स्थान: धौलपुर/जयपुर

धौलपुर। राजस्थान के धौलपुर नगर परिषद में भ्रष्टाचार का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नगर परिषद के आयुक्त (कमिश्नर) अशोक कुमार शर्मा का एक ठेकेदार से बिल पास करने के एवज में कमीशन के तौर पर ₹40,000 की रिश्वत लेते हुए कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इस वीडियो पर त्वरित संज्ञान लेते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और स्वायत्त शासन विभाग (DLB) ने बड़ी कार्रवाई की है।

यह मामला महज एक वीडियो तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके तार राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की एक बहुत बड़ी संयुक्त छापेमारी से जुड़े निकले, जिसके बाद सरकार ने कड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है।

मुख्य आरोपी और भ्रष्टाचार के नेटवर्क का पर्दाफाश

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की भरतपुर टीम ने एडिशनल एसपी अमित सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए इस पूरे रिश्वत नेटवर्क को रंगे हाथों दबोचा। एसीबी की जांच में सामने आया कि एक संवेदक (ठेकेदार) के बकाया भुगतानों को क्लियर करने के बदले कुल ₹3,10,000 की रिश्वत की मांग की गई थी।

इस खेल में अकेले कमिश्नर शामिल नहीं थे, बल्कि उनके दफ्तर के कई अधिकारी और कर्मचारी मिलकर यह सिंडिकेट चला रहे थे।

गिरफ्तार और निलंबित किए गए अधिकारियों की सूची

नाम पद / रैंक विभाग / स्थान
अशोक कुमार शर्मा नगर परिषद आयुक्त (कमिश्नर) धौलपुर नगर परिषद
प्रिया झा सहायक अभियंता (AEN) धौलपुर नगर परिषद
नीरज शर्मा वरिष्ठ सहायक / यूडीसी (UDC) धौलपुर नगर परिषद
भरत परमार कैशियर धौलपुर नगर परिषद
देवेंद्र कुमार आयुक्त का निजी चालक (प्राइवेट) धौलपुर नगर परिषद

कैसे खुली पोल? (एसीबी की आधिकारिक कार्रवाई)

एसीबी मुख्यालय के निर्देशानुसार जब धौलपुर नगर परिषद कार्यालय में अचानक छापा मारा गया, तो दफ्तर में हड़कंप मच गया। ठेकेदार से ली गई ₹3.10 लाख की घूस की राशि में से ₹2 लाख की रकम सीधे कमिश्नर अशोक शर्मा के नाम पर ली गई थी, जिसे एसीबी की टीम ने उनके चालक देवेंद्र के पास से बरामद किया।

एसीबी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आयुक्त का मोबाइल फोन जब्त कर लिया और उनके दफ्तर को भी सील कर दिया। इसके साथ ही भ्रष्टाचार की आंच कमिश्नर के गृह जिले तक पहुंची, जहां एसीबी की टीमों ने उनके दौसा स्थित निजी आवास पर भी गहन सर्च ऑपरेशन चलाया।

अदालत का फैसला: गिरफ्तार किए गए सभी पांचों आरोपियों को भरतपुर की विशेष एसीबी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायालय ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा (जेल) भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं।

स्वायत्त शासन विभाग (DLB) का कड़ा एक्शन

घूसखोरी का वीडियो सामने आने और एसीबी द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के तुरंत बाद राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन विभाग (Local Self Government) ने आदेश जारी कर आयुक्त अशोक कुमार शर्मा सहित सभी पांचों आरोपियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। निलंबन काल के दौरान कमिश्नर का मुख्यालय डीएलबी कार्यालय, जयपुर तय किया गया है।

घटना से जुड़ी वीडियो रिपोर्ट देखें

आधिकारिक स्रोत और संदर्भ:

  • स्वायत्त शासन विभाग (DLB), राजस्थान सरकार द्वारा जारी आधिकारिक निलंबन आदेश प्रति।
  • भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), भरतपुर रेंज की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति।
  • ईटीवी भारत (ETV Bharat) ग्राउंड रिपोर्ट एवं स्थानीय मीडिया बुलेटिन।


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