सीकर। राजस्थान के सीकर जिले की कोतवाली थाना पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पिछले 15 साल से फरार चल रहे एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने डेढ़ दशक पहले एक शख्स से जमीन का सौदा कर 25 लाख रुपए की मोटी रकम हड़प ली थी और तब से ही अपनी पहचान छुपाकर पुलिस को छका रहा था। पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी ने पूछताछ में जो खुलासे किए हैं, वो बेहद चौंकाने वाले हैं।

क्या है पूरा मामला? (The Background)

मामला 15 साल पुराना है। कोतवाली थाना क्षेत्र के एक पीड़ित परिवादी ने आरोपी ताराचंद माली के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित के अनुसार, उसका ताराचंद माली के साथ एक जमीन को लेकर सौदा तय हुआ था। इस जमीन की कुल कीमत 31 लाख रुपए निर्धारित की गई थी।

सौदे के मुताबिक, परिवादी ने आरोपी ताराचंद को 25 लाख रुपए एडवांस (बयाना राशि) के तौर पर दे दिए थे। तय यह हुआ था कि बाकी बचे 6 लाख रुपए जमीन की रजिस्ट्री (नामांतरण) के समय दिए जाएंगे। लेकिन एडवांस रकम हाथ में आते ही आरोपी ताराचंद की नीयत डोल गई और वह जमीन की रजिस्ट्री कराने के बजाय पूरी रकम लेकर शहर से रफूचक्कर हो गया। पीड़ित ने अपने स्तर पर उसे खोजने का बहुत प्रयास किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा।

पैसों से काटी लग्जरी लाइफ, पाई-पाई को मोहताज हुआ तो शुरू की मजदूरी

पुलिस की प्रारंभिक जांच और पूछताछ में यह सामने आया है कि 25 लाख रुपए की बड़ी रकम हाथ लगते ही ताराचंद ने अपनी लाइफस्टाइल पूरी तरह बदल ली। वह पुलिस से बचने के लिए दूसरे शहरों में भाग गया और वहां ठगी के पैसों से जमकर ऐश-ओ-आराम की जिंदगी जी। उसने विलासिता और अपने शौक पूरे करने में लाखों रुपए पानी की तरह बहा दिए।

लेकिन अपराध की कमाई ज्यादा दिन नहीं टिकी। जब ठगी के सारे पैसे खत्म हो गए, तो आरोपी दाने-दाने को मोहताज होने लगा। इसके बाद उसने पुलिस और जान-पहचान वालों से बचने के लिए राजस्थान के ही अलग-अलग इलाकों में छिपकर रहना शुरू किया और पेट पालने के लिए अपनी पहचान बदलकर दिहाड़ी मजदूरी करने लगा।

‘ह्यूमन इंटेलिजेंस’ से खुला 15 साल पुराना राज, ऐसे बिछा जाल

सीकर जिला पुलिस अधीक्षक (SP) प्रवीण नायक नूनावत के निर्देशन में इन दिनों जिले में स्थाई वारंटियों, उद्घोषित अपराधियों और लंबे समय से फरार चल रहे बदमाशों की धरपकड़ के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

इसी अभियान के तहत कोतवाली थाने के दो मुस्तैद कांस्टेबल दिनेश और दलीप को अपने मुखबिर तंत्र (Human Intelligence) के जरिए एक पुख्ता इनपुट मिला। सूचना थी कि 15 साल से गायब चल रहा ताराचंद माली छिपकर अपने गांव (घर) आया हुआ है। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना अधिकारी (SHO) सुनील कुमार जांगिड़ के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए आरोपी के घर पर अचानक दबिश दी और उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया।

विशेष अभियान में 7 अन्य वांछित आरोपी भी दबोचे गए

कोतवाली पुलिस की इस कार्रवाई के तहत केवल ताराचंद ही नहीं, बल्कि अलग-अलग मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे 7 अन्य स्थाई वारंटियों और अपराधियों को भी सलाखों के पीछे भेजा गया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों की सूची इस प्रकार है:

क्र.सं. गिरफ्तार आरोपी का नाम
1 शोएब
2 साजिद
3 मोहम्मद रफीक
4 भंवरलाल
5 आशिद अली
6 मातादीन
7 विकास कुमावत

पुलिस अब आरोपी ताराचंद माली से गहनता से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन 15 सालों के दौरान उसने किन-किन ठिकानों पर शरण ली थी और क्या उसने इस बीच किसी अन्य वारदात को भी अंजाम दिया है।

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