THE XPOSURE NEWS — बेबाक, बेखौफ, दमदार
चोरी की तो जेब होगी खाली, रोज़ लगेगी अतिरिक्त पेनल्टी: बिजली चोरी और मीटर छेड़छाड़ पर केंद्र सरकार सख्त; 1 जून से लागू होंगे कड़े नियम, भारी जुर्माने की लिस्ट जारी!
नए नियमों का पूरा ‘करंट’ — एक नज़र में समझें कड़े प्रावधान:
- 1 जून से हंटर: केंद्र सरकार ने बिजली अधिनियम-2003 में बड़ा संशोधन कर दिया है। अब कम जुर्माने के भरोसे रिस्क लेने वालों की खैर नहीं।
- प्रति किलोवाट तगड़ा झटका: औद्योगिक उपभोक्ताओं से लेकर कृषि कनेक्शन तक, मीटर से छेड़छाड़ करने पर हजारों रुपए प्रति किलोवाट की दर से कंपाउंडिंग वसूली होगी।
- हर दिन अतिरिक्त जुर्माना: यदि कोई उपभोक्ता लगातार नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर हर दिन (Daily) के हिसाब से अतिरिक्त पेनल्टी ठोंकी जाएगी।
- सरकारी संपत्ति को नुकसान: बिजली के तार, पोल (खंभे) या ट्रांसफार्मर को नुकसान पहुंचाया तो 5 हजार से लेकर 1 लाख रुपए तक का सीधा दंड भुगतना होगा।
जयपुर/नई दिल्ली। बिजली चोरी करने और मीटर में रिमोट या अन्य तिकड़मों से छेड़छाड़ करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की तैयारी हो चुकी है। केंद्र सरकार ने बिजली अधिनियम-2003 (Electricity Act-2003) में बड़ा संशोधन करते हुए जुर्माने की दरों को आसमान पर पहुंचा दिया है। आगामी 1 जून से देश और प्रदेश भर में ये नए नियम प्रभावी होने जा रहे हैं। पहले के ढीले नियमों और छोटे जुर्माने के कारण जो लोग बिजली चोरी का जोखिम उठा लेते थे, अब नए प्रावधानों के तहत उन्हें ऐसी भारी-भरकम आर्थिक चोट लगेगी कि कानून तोड़ने से पहले सौ बार सोचना पड़ेगा।
कैटेगरी के हिसाब से समझें पेनल्टी का पूरा गणित
नए संशोधन के तहत अलग-अलग उपभोक्ताओं की कैटेगरी के हिसाब से जुर्माने की दरें तय की गई हैं। अब सिर्फ बिजली का बिल ही नहीं, बल्कि चोरी पकड़े जाने पर भरने वाली कंपाउंडिंग राशि भी होश उड़ाने वाली होगी। नीचे दी गई तालिका से समझें किस पर कितना जुर्माना लगेगा:
| उपभोक्ता की श्रेणी (Category) | तय पेनल्टी / कंपाउंडिंग राशि |
|---|---|
| औद्योगिक उपभोक्ता (Industrial) | ₹20,000 प्रति किलोवाट तक |
| वाणिज्यिक उपभोक्ता (Commercial) | ₹10,000 प्रति किलोवाट |
| कृषि कनेक्शन (Agricultural) | ₹2,000 प्रति किलोवाट |
| अन्य श्रेणियां (Other Categories) | ₹4,000 प्रति किलोवाट |
| बिजली उपकरण, तार या खंभा नुकसान | ₹5,000 से ₹1,000,000 तक |
| नियामक आयोग के आदेश की अवहेलना | ₹10,000 से ₹500,000 तक |
लगातार उल्लंघन पर रोज़ाना लगेगी अतिरिक्त पेनाल्टी; जेल की जगह आर्थिक चोट
इस नए कानून का सबसे खौफनाक हिस्सा यह है कि यदि कोई उपभोक्ता एक बार पकड़े जाने के बाद भी लगातार नियमों का उल्लंघन करता रहता है, तो उस पर प्रतिदिन के हिसाब से अतिरिक्त पेनल्टी लगाई जाएगी। यानी जब तक उल्लंघन बंद नहीं होगा, मीटर का मीटर और जुर्माने का मीटर दोनों साथ-साथ भागेंगे। सरकार ने कई मामलों में जेल भेजने
