जयपुर। राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission, Rajasthan) ने प्रदेश में होने वाले आगामी नगरीय निकाय चुनावों (नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका) के लिए उम्मीदवारों हेतु नए दिशानिर्देश और चुनावी खर्च की संशोधित सीमा आधिकारिक रूप से जारी कर दी है।

आयोग द्वारा जारी नई गाइडलाइन के तहत नगर निगम पार्षद प्रत्याशी के लिए खर्च सीमा को बढ़ाकर ₹3.50 लाख कर दिया गया है। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आयोग ने चुनावी वाहनों के उपयोग, लाउडस्पीकर के प्रयोग और चुनावी बजट आवंटन को लेकर भी कड़े निर्देश दिए हैं।

चुनावी खर्च की नई सीमाएं: क्या हुआ बदलाव?

राज्य निर्वाचन आयोग ने पिछले निकाय चुनावों की तुलना में प्रत्याशियों के खर्च की ऊपरी सीमा में बढ़ोतरी की है:

  • नगर निगम (Municipal Corporation): पार्षद पद के उम्मीदवार अब अधिकतम ₹3.50 लाख खर्च कर सकेंगे (पहले यह सीमा ₹2.50 लाख थी)।
  • नगर परिषद (Municipal Council): पार्षद प्रत्याशी के लिए खर्च सीमा को ₹1.50 लाख से बढ़ाकर ₹2.50 लाख किया गया है।
  • नगर पालिका (Municipal Board): नगर पालिका क्षेत्रों में प्रत्याशी के खर्च की लिमिट में ₹50,000 की बढ़ोतरी की गई है।
महत्वपूर्ण नियम: चुनाव परिणाम (Election Results) घोषित होने के 15 दिनों के भीतर प्रत्येक उम्मीदवार को अपने कुल चुनावी खर्च का विस्तृत लेखा-जोखा (Expense Account) आयोग के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। तय समयसीमा में ब्योरा न देने पर संबंधित प्रत्याशी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
राजस्थान चुनाव 2026: खर्च सीमा बदल गई

प्रचार वाहनों और लाउडस्पीकर के लिए कड़े नियम

आयोग ने चुनाव प्रचार के दौरान संसाधनों के अत्यधिक इस्तेमाल पर अंकुश लगाने के लिए निम्नलिखित प्रतिबंध लागू किए हैं:

  • वाहनों की संख्या सीमित: प्रचार अभियान के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों की सीमा तय कर दी गई है।
  • वोटिंग के दिन वाहन इस्तेमाल: मतदान वाले दिन (Polling Day) प्रत्याशी केवल पूर्व-स्वीकृत अनुमति पत्र (Prior Permission) के आधार पर ही वाहन का उपयोग कर सकेंगे। बिना इजाजत वाहन चलाना आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा।
  • लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध: चुनाव कार्यालयों पर लाउडस्पीकर लगाने पर पूर्ण रूप से रोक रहेगी।

आयोग द्वारा बजट का आवंटन

चुनाव प्रबंधन और प्रशासनिक तैयारियों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को बजट आवंटित कर दिया है:

निकाय स्तर आवंटन राशि उद्देश्य
10 नगर निगम ₹10.31 करोड़ चुनावी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का TA/DA
नगर परिषद एवं नगर पालिकाएं ₹19.33 करोड़ चुनाव संचालन एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्र1. राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार नगर निगम पार्षद पद का प्रत्याशी कितना खर्च कर सकता है?

उत्तर: आयोग की नई गाइडलाइन के अनुसार निगम पार्षद प्रत्याशी अधिकतम ₹3.50 लाख खर्च कर सकता है।

प्र2. मतदान वाले दिन वाहनों के प्रयोग के लिए क्या प्रक्रिया है?

उत्तर: पोलिंग के दिन उम्मीदवार को वाहन चलाने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी या सक्षम प्राधिकारी से अलग से लिखित अनुमति लेनी होगी।

प्र3. चुनाव खर्च का ब्योरा जमा करने की समयसीमा क्या है?

उत्तर: चुनाव परिणाम घोषित होने की तिथि से 15 दिनों के अंदर खर्च का पूरा ब्योरा प्रस्तुत करना अनिवार्य है।


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