अखिल भारतीय उद्योग व्यापार सुरक्षा मंच ने प्रधानमंत्री से की मांग; कहा—व्यापारी अर्थव्यवस्था, रोजगार और राजस्व व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी

नई दिल्ली/जयपुर। देश अपनी आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाले व्यापारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे अब भी समाधान की प्रतीक्षा में हैं। व्यापारिक संगठन का कहना है कि व्यापारी राजस्व संग्रह, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसके बावजूद उन्हें व्यापक सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

इसी मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार सुरक्षा मंच ने केंद्र सरकार से व्यापारियों के लिए एक अलग व्यापार कल्याण आयोग गठित करने की मांग की है। मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल शरण गर्ग और राष्ट्रीय प्रवक्ता भविष्य कुमार भानु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से व्यापारियों के हित में व्यापक नीतिगत कदम उठाने का आग्रह किया है।

मुख्य मांग: व्यापारियों के लिए अलग कल्याण आयोग का गठन कर बीमा, चिकित्सा, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।

व्यापारियों की समस्याओं के लिए बने संस्थागत व्यवस्था

राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल शरण गर्ग ने कहा कि देशभर के व्यापारियों के लिए व्यापार कल्याण आयोग का गठन समय की आवश्यकता है। उनके अनुसार आयोग के माध्यम से व्यापारियों से जुड़े मुद्दों का संस्थागत स्तर पर समाधान किया जा सकेगा और उनके कल्याण के लिए प्रभावी नीतियां तैयार की जा सकेंगी।

उन्होंने व्यापारियों के लिए दुर्घटना बीमा, प्रतिष्ठान बीमा, चिकित्सा सुविधाएं, सामाजिक सुरक्षा और वृद्धावस्था पेंशन जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही व्यापारियों को आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से जोड़ने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता बताई।

‘व्यापारी अर्थव्यवस्था और रोजगार की महत्वपूर्ण कड़ी’

मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता भविष्य कुमार भानु ने कहा कि व्यापारी केवल वस्तुओं की खरीद-बिक्री तक सीमित वर्ग नहीं हैं, बल्कि वे देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और राजस्व व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में व्यापारी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करोड़ों लोगों की आजीविका से जुड़े हुए हैं। ऐसे में व्यापारियों की सामाजिक सुरक्षा और उनके हितों को नीति निर्माण में प्राथमिकता दिए जाने की जरूरत है।

‘टैक्स कलेक्टर’ का दर्जा देने की भी मांग

व्यापारियों को टैक्स कलेक्टर का दर्जा देने की मांग भी उठाई गई है। मंच का कहना है कि व्यापारियों के माध्यम से सरकार तक बड़ी मात्रा में कर राजस्व पहुंचता है। ऐसे में उनके आर्थिक योगदान को सामाजिक सुरक्षा और सम्मान के साथ जोड़ने की आवश्यकता है।

बीमा से पेंशन तक सुविधाओं की मांग

मंच ने व्यापारियों के लिए जिन प्रमुख सुविधाओं की मांग उठाई है, उनमें—

  • व्यापार कल्याण आयोग का गठन
  • दुर्घटना बीमा
  • प्रतिष्ठान बीमा
  • बेहतर चिकित्सा सुविधाएं
  • सामाजिक सुरक्षा
  • सम्मानजनक वृद्धावस्था पेंशन
  • आधुनिक एवं विश्वस्तरीय व्यापारिक सुविधाएं

स्वतंत्रता दिवस पर घोषणा की उम्मीद

गोपाल शरण गर्ग और भविष्य कुमार भानु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर व्यापारियों के हित में महत्वपूर्ण घोषणाएं की जाएं। उन्होंने व्यापार कल्याण आयोग के गठन के साथ बीमा, चिकित्सा, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।

उन्होंने कहा कि व्यापारियों को सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण देना किसी विशेष कृपा का विषय नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में उनके योगदान के अनुरूप उनका अधिकार है।

अखिल भारतीय उद्योग व्यापार सुरक्षा मंच ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इन मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और व्यापारिक समुदाय के लिए ठोस नीतिगत कदम उठाएगी। मंच के अनुसार इससे देशभर के करोड़ों व्यापारियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार मिल सकता है।

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