गंगापुर सिटी।
राजस्थान में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका चुनाव 2026 की प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित पार्षद उम्मीदवारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण काम अब नामांकन की तैयारी है।
नामांकन केवल एक फॉर्म भरकर जमा करने की प्रक्रिया नहीं है। उम्मीदवार की मतदाता सूची में स्थिति, प्रस्तावक, जमानत राशि, आरक्षित वार्ड होने पर जाति प्रमाण-पत्र, राजनीतिक दल का अधिकृत पत्र तथा उम्मीदवार की कानूनी पात्रता जैसी कई बातें महत्वपूर्ण होती हैं।
इसके अलावा नगरपालिका से जुड़े बकाये यानी Municipal Dues और No-Dues Certificate को लेकर भी उम्मीदवारों के बीच कई तरह की चर्चाएं हैं। इसलिए इस खबर में नामांकन से जुड़े नियमों को सरल भाषा में समझाया जा रहा है, ताकि पहली बार चुनाव लड़ने वाला उम्मीदवार भी अपनी तैयारी में कोई बड़ी गलती न करे।
नगर निकाय चुनाव 2026 का सही चुनाव कार्यक्रम
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नगरीय निकाय आम चुनाव 2026 के कार्यक्रम के अनुसार पार्षद पद के लिए नामांकन और उसके बाद की चुनाव प्रक्रिया की प्रमुख तारीखें इस प्रकार हैं।
| चुनाव प्रक्रिया | तारीख |
|---|---|
| लोक सूचना जारी | 27 अगस्त 2026 |
| नामांकन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तारीख | 31 अगस्त 2026 |
| नामांकन पत्रों की संवीक्षा | 1 सितंबर 2026 |
| नाम वापस लेने की अंतिम तारीख | 3 सितंबर 2026, दोपहर 3 बजे तक |
| चुनाव चिन्ह आवंटन | 4 सितंबर 2026 |
| प्रथम चरण का मतदान | 9 सितंबर 2026 |
| द्वितीय चरण का मतदान | 11 सितंबर 2026 |
| मतदान का समय | सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक |
| मतगणना | 14 सितंबर 2026 |
सबसे महत्वपूर्ण तारीख:
27 अगस्त से नामांकन शुरू होगा और 31 अगस्त 2026 नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख है।
इसलिए चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति को नामांकन से पहले अपने वर्तमान वार्ड नंबर, उस वार्ड की आरक्षण स्थिति और नगरपालिका की मतदाता सूची में अपनी प्रविष्टि जरूर जांच लेनी चाहिए।
1. पार्षद पद के लिए नामांकन Form-3 में होगा
नगरपालिका चुनाव में पार्षद पद के लिए निर्धारित नामांकन पत्र यानी Form-3 में नामांकन किया जाता है। राजस्थान नगरपालिका निर्वाचन नियमों में नामांकन की प्रक्रिया निर्धारित है। Form भरते समय उम्मीदवार को अपना नाम, पिता या पति का नाम, उम्र, पता, वार्ड, नगरपालिका का नाम तथा मतदाता सूची से संबंधित जानकारी सही-सही भरनी चाहिए।
विशेष रूप से Part Number और Serial Number गलत नहीं होना चाहिए। नामांकन पत्र में उम्मीदवार और प्रस्तावक से संबंधित जानकारी में किसी भी तरह की गलती बाद में परेशानी का कारण बन सकती है।
2. सबसे पहले अपनी मतदाता सूची की Entry जांचें
नामांकन से पहले उम्मीदवार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसका नाम संबंधित नगरपालिका की electoral roll में दर्ज है।
केवल Aadhaar Card होना चुनाव लड़ने की पात्रता का प्रमाण नहीं है। उम्मीदवार को अपनी मतदाता सूची में दर्ज Part Number और Serial Number पहले से निकालकर रखना चाहिए।
ध्यान दें:
उम्मीदवार का मतदाता सूची में नाम होना और उसी वार्ड का मतदाता होना अलग-अलग तथ्य हो सकते हैं। इसलिए नामांकन से पहले अपनी वर्तमान electoral roll entry जरूर जांचें।
3. निर्दलीय उम्मीदवार के लिए प्रस्तावक कितने चाहिए?
निर्दलीय उम्मीदवार के लिए प्रस्तावकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे उम्मीदवार को निर्धारित नियमों के अनुसार संबंधित वार्ड के मतदाताओं को proposer के रूप में प्रस्तुत करना होता है।
उम्मीदवार को अपने प्रस्तावकों की मतदाता सूची से संबंधित जानकारी पहले से तैयार रखनी चाहिए, ताकि nomination form भरते समय किसी तरह की परेशानी न हो।
प्रस्तावक का नाम, Part Number, Serial Number और अन्य आवश्यक विवरण सही होना चाहिए।
महत्वपूर्ण:
प्रस्तावक से संबंधित जानकारी nomination जमा करने से पहले मतदाता सूची से मिलाकर जरूर देखें। केवल नाम देखकर proposer तय करना पर्याप्त नहीं है।
4. राजनीतिक दल के उम्मीदवारों के लिए Party Authorization
यदि कोई उम्मीदवार किसी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के टिकट पर चुनाव लड़ रहा है, तो उसे पार्टी द्वारा अधिकृत किए जाने से संबंधित निर्धारित authorization भी प्रक्रिया के अनुसार प्रस्तुत करना होगा।
इसलिए पार्टी उम्मीदवार को अपनी nomination file में Form-3 और Party Authorization से संबंधित दस्तावेज पहले से तैयार रखने चाहिए।
5. जमानत राशि कितनी है?
नगरपालिका चुनाव में security deposit यानी जमानत राशि को लेकर पुराने चुनावों की जानकारी के कारण अक्सर भ्रम की स्थिति रहती है। नगर परिषद के लिए 2019 के संशोधन के बाद जमानत राशि में बदलाव किया गया था।
| उम्मीदवार की श्रेणी | जमानत राशि |
|---|---|
| सामान्य उम्मीदवार | ₹4,000 |
| महिला / SC / ST / Backward Class श्रेणी | ₹2,000 |
पुरानी जानकारी से सावधान:
पुराने चुनावों में लागू ₹2,000 या ₹1,000 वाली राशि को वर्तमान नगर परिषद चुनाव की जमानत राशि मानकर न चलें। लागू नियमों के अनुसार नगर परिषद के लिए संशोधित राशि ₹4,000 और रियायती श्रेणी के लिए ₹2,000 है।
6. एक उम्मीदवार कितने Nomination Papers दाखिल कर सकता है?
निर्धारित नियमों के अनुसार एक उम्मीदवार की ओर से अधिकतम चार nomination papers दाखिल किए जा सकते हैं।
हालांकि चार nomination papers दाखिल करने का अर्थ यह नहीं है कि उम्मीदवार को चार अलग-अलग security deposits जमा करने होंगे। जमानत राशि उम्मीदवार की निर्धारित श्रेणी के अनुसार होती है।
7. आरक्षित वार्ड में चुनाव लड़ रहे हैं तो जाति प्रमाण-पत्र जरूरी
यदि कोई वार्ड अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या Backward Class के लिए आरक्षित है और उम्मीदवार उसी आरक्षित श्रेणी के आधार पर चुनाव लड़ रहा है, तो उसकी category eligibility साबित करने वाला प्रमाण-पत्र महत्वपूर्ण है।
निर्धारित नियमों के अनुसार संबंधित अधिकृत अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र की authenticated copy nomination paper के साथ प्रस्तुत करने की व्यवस्था है।
- ☐ Original caste certificate
- ☐ Authenticated copy
- ☐ अतिरिक्त photocopies
- ☐ Scrutiny के समय original दिखाने की तैयारी
8. अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल—क्या No-Dues Certificate जरूरी है?
नगर निकाय चुनाव में No-Dues Certificate को लेकर उम्मीदवारों के बीच सबसे ज्यादा भ्रम रहता है। खासकर पहली बार पार्षद का चुनाव लड़ने वाले लोगों का सवाल होता है कि क्या उन्हें भी नगर परिषद या नगरपालिका से No-Dues लेना पड़ेगा?
सीधी बात:
पहली बार चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि उसे No-Dues से कोई स्वतः छूट मिल गई है।
यहां दो अलग-अलग बातों को समझना बहुत जरूरी है—No-Dues Certificate प्रस्तुत करना और नगरपालिका का बकायेदार होने के कारण कानूनन अयोग्य होना एक ही बात नहीं है।
9. नगरपालिका का बकाया होने पर क्या कहता है कानून?
राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 में नगरपालिका के बकाये से संबंधित निरर्हता का प्रावधान है। इसके अनुसार यदि कोई व्यक्ति नगरपालिका के बकाये का ऐसा देनदार है जो दो वर्ष से अधिक समय से बकाया है और उस बकाये की वसूली के लिए अधिनियम के तहत कार्यवाही शुरू हो चुकी है, तो यह स्थिति उसके चुनाव लड़ने की पात्रता पर असर डाल सकती है।
इसलिए केवल यह कहना कि उम्मीदवार पर नगरपालिका का कोई छोटा-मोटा बकाया है, अपने आप में पूरी कानूनी स्थिति स्पष्ट नहीं करता। बकाया की अवधि और उसकी recovery proceedings की स्थिति भी महत्वपूर्ण है।
यानी कानूनी स्थिति समझने का सरल तरीका:
नगरपालिका का बकाया → बकाया कितने समय से है → क्या उसकी वसूली की कार्यवाही शुरू हुई है → क्या उम्मीदवार Act के तहत disqualified हो रहा है।
10. क्या पहली बार चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति को No-Dues की जरूरत नहीं है?
ऐसा कोई सामान्य नियम नहीं है कि पहली बार चुनाव लड़ने वाला उम्मीदवार No-Dues से मुक्त हो जाता है।
कानून में निरर्हता का संबंध इस बात से है कि उम्मीदवार नगरपालिका के बकाये से संबंधित निर्धारित कानूनी स्थिति में आता है या नहीं। यह इस बात पर निर्भर नहीं करता कि वह पहले पार्षद रहा है या पहली बार चुनाव लड़ रहा है।
इसलिए पहली बार चुनाव लड़ने वाला व्यक्ति भी अपने नाम से जुड़े नगरपालिका बकाये की स्थिति पहले ही स्पष्ट कर ले तो बेहतर है।
11. क्या No-Dues Certificate हर उम्मीदवार के लिए अनिवार्य attachment है?
यहां सबसे ज्यादा सावधानी की जरूरत है।
राज्य निर्वाचन आयोग के पूर्व नगरीय निकाय चुनाव संबंधी दस्तावेज निर्देशों में No-Dues Certificate का उल्लेख किया गया है। विशेष रूप से पूर्व नगरपालिका चुनाव प्रक्रिया में नाम निर्देशन से संबंधित दस्तावेजों की सूची में No-Dues Certificate का उल्लेख मिलता है।
लेकिन 2026 के उपलब्ध आधिकारिक Election Manual में Rule 12 के तहत नामांकन पत्र के साथ लगने वाले प्रमुख दस्तावेजों और Rule 13 के तहत nomination rejection के grounds को देखते हुए, “No-Dues Certificate जमा नहीं किया तो हर स्थिति में nomination स्वतः reject होगा” जैसी बात सीधे लिख देना उचित नहीं है।
इसलिए सही और सुरक्षित निष्कर्ष:
उम्मीदवार को No-Dues Certificate बनवाकर रखना चाहिए, लेकिन No-Dues Certificate की अनुपस्थिति और नगरपालिका के बकाये के कारण कानूनन disqualification—इन दोनों को एक ही बात नहीं माना जाना चाहिए।
12. उम्मीदवार No-Dues के लिए क्या करे?
नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले उम्मीदवार संबंधित नगर परिषद या नगरपालिका कार्यालय से अपने नाम से जुड़े नगरपालिका बकाये की स्थिति जांच कराए।
यदि कोई बकाया है तो उसकी जानकारी लें, आवश्यक भुगतान करें और उसके बाद लिखित रूप में No-Dues Certificate प्राप्त कर लें।
खास तौर पर उन लोगों को यह काम पहले कर लेना चाहिए जिनका नगरपालिका से किसी प्रकार का नियमित वित्तीय संबंध रहा है, जैसे property tax, municipal licence, नगरपालिका की दुकान या संपत्ति, पट्टा अथवा अन्य नगरपालिका देयताएं।
सबसे सुरक्षित तरीका:
बकाया जांचें → बकाया हो तो निपटाएं → No-Dues Certificate लें → उसकी photocopies तैयार रखें → nomination file में रखें।
13. Aadhaar Card क्या अनिवार्य है?
Aadhaar Card की photocopy को प्रत्येक उम्मीदवार के nomination के साथ लगाना अनिवार्य दस्तावेज मान लेना सही नहीं होगा, जब तक 2026 की संबंधित Returning Officer की checklist में ऐसा स्पष्ट रूप से न कहा गया हो।
इसी तरह Voter ID की photocopy को भी हर candidate के लिए अलग से mandatory attachment मानने के बजाय उम्मीदवार को अपनी electoral roll entry की सही जानकारी पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
फिर भी practical तौर पर उम्मीदवार को Aadhaar, Voter ID, PAN और अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज साथ रखना उपयोगी रहेगा।
14. जन्मतिथि का प्रमाण भी तैयार रखें
उम्मीदवार की न्यूनतम आयु चुनाव लड़ने की पात्रता से संबंधित है। इसलिए 10वीं की marksheet, Birth Certificate अथवा अन्य विश्वसनीय DOB proof साथ रखना उचित है।
हालांकि प्रत्येक उम्मीदवार के लिए Birth Certificate की photocopy को अलग से mandatory attachment मानने से पहले वर्तमान 2026 nomination instructions देखना चाहिए।
15. शपथ-पत्र और निर्धारित घोषणाएं
नामांकन प्रक्रिया में आयोग द्वारा निर्धारित वर्तमान forms और declarations महत्वपूर्ण हैं। उम्मीदवार को 2026 में लागू किए गए वर्तमान forms का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
पुराने चुनाव की photocopy देखकर nomination file तैयार न करें।
2019 या किसी पुराने चुनाव में इस्तेमाल हुआ form इस बात की गारंटी नहीं है कि वही form 2026 में भी उसी रूप में लागू होगा।
16. आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाना भारी पड़ सकता है
उम्मीदवार से निर्धारित declaration या affidavit में जहां आपराधिक मामलों, दोषसिद्धि, संपत्ति, शिक्षा अथवा अन्य जानकारी मांगी गई है, वहां जानकारी सही-सही देना चाहिए।
यदि कोई मामला लंबित है तो उसे छिपाने के बजाय वर्तमान prescribed form में मांगी गई जानकारी के अनुसार उसका विवरण देना चाहिए।
कोई कॉलम अपनी मर्जी से खाली न छोड़ें।
यदि कोई जानकारी लागू नहीं होती है तो form के निर्देश के अनुसार उचित entry करें।
17. दो से ज्यादा बच्चे हैं तो क्या चुनाव लड़ सकते हैं?
नगरपालिका चुनावों में दो से अधिक संतान होने से संबंधित पुरानी निरर्हता को 2026 में समाप्त किए जाने के बाद केवल इस आधार पर किसी व्यक्ति को नगरपालिका पार्षद चुनाव लड़ने से अयोग्य नहीं माना जाएगा कि उसकी दो से अधिक संतान हैं।
18. कार्यशील शौचालय संबंधी पुराने नियमों को लेकर भी सावधान रहें
नगरपालिका चुनावों के संदर्भ में स्वच्छ एवं कार्यशील शौचालय से संबंधित प्रावधान पहले से कानून में रहे हैं। लेकिन 2026 में उम्मीदवार को वर्तमान राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित form और declaration को ही अंतिम आधार मानना चाहिए।
पुराने चुनावों के form में मौजूद प्रत्येक declaration को बिना जांचे 2026 का mandatory document मान लेना सही नहीं होगा।
19. Statistical Information Form
चुनाव प्रक्रिया में उम्मीदवारों से सांख्यिकीय जानकारी से संबंधित निर्धारित form भी लिया जा सकता है। उम्मीदवारों को आयोग या Returning Officer द्वारा उपलब्ध कराए गए वर्तमान 2026 form में मांगी गई जानकारी ही भरनी चाहिए।
20. नामांकन किस समय जमा होगा?
नामांकन पत्र निर्धारित तारीखों में सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक प्रस्तुत किए जाते हैं।
अंतिम दिन आखिरी मिनट का इंतजार न करें।
बेहतर है कि उम्मीदवार सुबह ही nomination centre पहुंच जाए। किसी document या entry में कमी मिलने पर समय रहते स्थिति स्पष्ट करने का अवसर मिल सकता है।
21. नामांकन की जांच यानी Scrutiny कब होगी?
1 सितंबर 2026 को Returning Officer द्वारा nomination papers की scrutiny की जाएगी।
इस चरण में उम्मीदवार की पात्रता से संबंधित कई बिंदुओं की जांच हो सकती है, जैसे:
- उम्मीदवार की कानूनी पात्रता
- मतदाता सूची में स्थिति
- प्रस्तावक की पात्रता
- हस्ताक्षर
- जमानत राशि
- आरक्षित वार्ड होने पर category eligibility
- आवश्यक दस्तावेज
- Act के तहत कोई disqualification तो नहीं
22. नामांकन किन कारणों से खारिज हो सकता है?
Rajasthan Municipalities (Election) Rules के Rule 13 में nomination की scrutiny और rejection से संबंधित प्रावधान हैं।
प्रमुख जोखिमों में शामिल हैं:
- उम्मीदवार चुनाव लड़ने के लिए कानूनी रूप से अयोग्य है।
- आवश्यक security deposit जमा नहीं किया गया है।
- उम्मीदवार न्यूनतम आयु की पात्रता पूरी नहीं करता।
- प्रस्तावक संबंधित नियमों के अनुसार पात्र नहीं है।
- नामांकन पत्र पर आवश्यक हस्ताक्षर या विवरण में गंभीर कमी है।
- आरक्षित सीट पर उम्मीदवार अपनी category eligibility साबित नहीं कर पाता।
- उम्मीदवार Act के किसी प्रावधान के तहत disqualified है।
23. हर छोटी गलती से nomination reject नहीं होता
Rule 13 में यह भी महत्वपूर्ण व्यवस्था है कि ऐसी कमी जो substantial character की नहीं है, उसके आधार पर nomination paper को स्वतः reject नहीं किया जाना चाहिए।
लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि उम्मीदवार nomination file को लेकर लापरवाही करे।
सबसे अच्छी रणनीति:
“बाद में सुधार लेंगे” के बजाय “पहली बार में सही भरेंगे।”
संभावित उम्मीदवारों के लिए Final Checklist
नामांकन से पहले जरूर तैयार रखें
- ☐ Form-3 Nomination Paper
- ☐ उम्मीदवार के सही हस्ताक्षर
- ☐ Electoral Roll Part Number
- ☐ Electoral Roll Serial Number
- ☐ प्रस्तावक/प्रस्तावकों की सही जानकारी
- ☐ निर्धारित Security Deposit
- ☐ Reserved category candidate का authenticated caste certificate, जहां लागू हो
- ☐ Party candidate का authorization, जहां लागू हो
- ☐ वर्तमान 2026 के prescribed forms और declarations
- ☐ नगरपालिका से No-Dues Certificate प्राप्त करने की तैयारी
साथ रखना बेहतर रहेगा
- ☐ Original Voter ID
- ☐ Aadhaar Card
- ☐ PAN Card
- ☐ जन्मतिथि का प्रमाण
- ☐ Original caste certificate, जहां लागू हो
- ☐ No-Dues Certificate
- ☐ सभी जरूरी documents की 2–3 photocopies
- ☐ प्रस्तावकों की voter-list details की printed copy
उम्मीदवारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बातें
नामांकन से पहले ये गलती बिल्कुल न करें
राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026 में पार्षद का चुनाव लड़ने जा रहे उम्मीदवारों के लिए नामांकन केवल Form-3 भरने तक सीमित नहीं है। उम्मीदवार को अपनी electoral roll entry, proposer, security deposit, reservation category, party authorization, वर्तमान prescribed forms और अपनी कानूनी पात्रता की जांच पहले ही कर लेनी चाहिए।
इसके साथ ही नगरपालिका से जुड़े बकाये की स्थिति भी पहले स्पष्ट कर लेना बेहद जरूरी है। No-Dues Certificate और municipal dues से संबंधित कानूनी disqualification को एक ही बात नहीं समझना चाहिए, लेकिन उम्मीदवार के लिए सबसे सुरक्षित रास्ता यही है कि वह नामांकन से पहले संबंधित नगर परिषद या नगरपालिका से अपना बकाया जांच कराए और संभव हो तो लिखित No-Dues Certificate प्राप्त करके रखे।
विशेष रूप से पहली बार चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को यह भ्रम नहीं रखना चाहिए कि पहली बार चुनाव लड़ने के कारण उन्हें नगरपालिका के बकाये या No-Dues से संबंधित नियमों से स्वतः छूट मिल जाती है।
एक लाइन में पूरी तैयारी:
मतदाता सूची जांचें → वार्ड और आरक्षण जांचें → प्रस्तावक तैयार करें → जमानत राशि तैयार रखें → लागू प्रमाण-पत्र जुटाएं → नगरपालिका का बकाया जांचें → No-Dues लें → 2026 के वर्तमान forms भरें → nomination जमा करने से पहले पूरी file दोबारा जांचें।
आधिकारिक एवं प्रमुख स्रोत
- राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग — नगरीय निकाय आम चुनाव 2026 संबंधी आधिकारिक चुनाव सामग्री एवं Election Manual।
- Rajasthan Municipalities Act, 2009 — नगरपालिका सदस्य के लिए निरर्हता से संबंधित प्रावधान, जिसमें municipal dues से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
- Rajasthan Municipalities (Election) Rules, 1994 — नामांकन, scrutiny एवं rejection से संबंधित नियम।
- राज्य निर्वाचन आयोग के पूर्व नगरपालिका चुनाव संबंधी निर्देश — No-Dues Certificate से संबंधित निर्देश।
- राजस्थान राजपत्र, सितंबर 2025 — नगर परिषद गंगापुर सिटी के वार्ड गठन एवं सीमा विवरण।
संपादकीय सावधानी:
नामांकन के दिन Returning Officer द्वारा जारी स्थानीय लोक सूचना, checklist और 2026 में उपलब्ध कराए गए prescribed forms को अंतिम operational reference माना जाना चाहिए।
नोट:
यह जानकारी उम्मीदवारों को नामांकन की तैयारी समझाने के उद्देश्य से है। किसी विशेष उम्मीदवार की पात्रता या किसी दस्तावेज की आवश्यकता को लेकर विवाद की स्थिति में संबंधित Returning Officer के समक्ष उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड और वर्तमान चुनाव निर्देश अंतिम रूप से महत्वपूर्ण होंगे।
