- उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटे से तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में चयन
- फर्जी खेल प्रमाणपत्र और फर्जी सत्यापन रिपोर्ट का इस्तेमाल
- चूरू जिले से दो महिला आरोपी गिरफ्तार
- बीदासर, सुजानगढ़ और चूरू तक फैले नेटवर्क की आशंका
- SOG की टीम पूरे गिरोह की जांच में जुटी
एसओजी की टीम ने राजस्थान के विभिन्न स्थानों पर एक साथ रेड डाली। इसी कार्रवाई के तहत चूरू जिले में भी छापेमारी की गई, जहां फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में दो महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार किया गया।
दोनों महिलाओं ने लगाए थे खेल के फर्जी सर्टिफिकेट
एसओजी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में चूरू की एकता थालोर पुत्री दिलीप सिंह और बीदासर निवासी बबीता जाखड़ पुत्री हरकराम शामिल हैं। बताया गया कि बबीता जाखड़ का ससुराल सुजानगढ़ में है।
जांच में सामने आया है कि दोनों महिलाओं ने खेल के फर्जी प्रमाण पत्र और फर्जी सत्यापन रिपोर्ट के जरिए तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटे से नौकरी हासिल की थी।
एसओजी की जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी खेल प्रमाण पत्रों का नेटवर्क बीदासर, सुजानगढ़ और चूरू तक फैला हुआ है। इस नेटवर्क के जरिए खेल प्रमाण पत्रों की फर्जी व्यवस्था कर सरकारी नौकरियों में चयन करवाने का खेल लंबे समय से चल रहा था। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस नेटवर्क में कई और लोग शामिल हो सकते हैं।
पूरे मामले की टाइमलाइन
- तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटे से चयन
- खेल प्रमाणपत्रों के सत्यापन में गड़बड़ी की आशंका
- SOG ने मामले की जांच शुरू की
- राजस्थान के विभिन्न स्थानों पर एक साथ छापेमारी
- चूरू जिले से दो महिला आरोपियों की गिरफ्तारी
- फर्जी प्रमाणपत्र नेटवर्क की जांच जारी
पूरे गिरोह की तलाश में जुटी SOG
एसओजी की टीम अब इस पूरे गिरोह और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार फर्जी खेल प्रमाण पत्रों के आधार पर सरकारी नौकरियां हासिल करने के इस नेटवर्क का खुलासा होने के बाद मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
