निरीक्षण के दौरान जांच दल को व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के वितरण में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि एजेंसी द्वारा राज्य सरकार के निर्देशों की अवहेलना करते हुए जिला प्रशासन की पूर्व अनुमति के बिना ही व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही थी।
⭐ मुख्य तथ्य (Key Facts)
- जैसलमेर भारत गैस एजेंसी के गोदाम पर कार्रवाई
- व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के वितरण में अनियमितता
- जिला प्रशासन की अनुमति के बिना सिलेंडर वितरण
- रिकॉर्ड और दस्तावेजों में कई खामियां मिलीं
- जांच दल ने मौके पर ही गोदाम को सीज किया
निरीक्षण में सामने आईं कई गड़बड़ियां
निरीक्षण के दौरान जांच दल ने एजेंसी के रिकॉर्ड, उपभोक्ता विवरण तथा वितरण से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान रिकॉर्ड संधारण, उपभोक्ताओं के विवरण और गेट पास से जुड़े दस्तावेजों में कई गंभीर खामियां और अनियमितताएं पाई गईं।
जांच में यह भी सामने आया कि गैस एजेंसी द्वारा निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था और बिना अनुमति के ही व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही थी।
अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए जांच दल ने मौके पर ही एजेंसी के गोदाम को सीज कर दिया और आगे की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जांच दल में ये अधिकारी रहे शामिल
- जिला रसद अधिकारी – रामसिंह मीणा
- प्रवर्तन अधिकारी – मुरारी लाल
- प्रवर्तन निरीक्षक – खेतेन्द्र सिंह चौधरी
प्रशासन की चेतावनी
जिला रसद अधिकारी रामसिंह मीणा ने बताया कि जिले में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों का वितरण अब जिला प्रशासन की अनुमति और निर्देशन में ही किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और उपभोक्ताओं की बुकिंग के अनुसार नियमित रूप से गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है।
उन्होंने कहा कि गैस वितरण व्यवस्था पर जिला प्रशासन की लगातार निगरानी बनी हुई है और यदि किसी भी एजेंसी द्वारा नियमों की अवहेलना या अनियमितता की जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
📊 प्रशासन की निगरानी जारी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए लगातार निरीक्षण और जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
