LOCAL ISSUE | नगर परिषद लापरवाही

सफाई व्यवस्था भी चरमराई, शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ समाधान

गंगापुर सिटी: गंगापुर नगर परिषद का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां नगर परिषद के एसआई की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ती नजर आ रही है। सफाई निरीक्षक की मनमानी के सामने प्रशासन भी बौना नजर आ रहा है।

माल गोदाम रोड स्थित केशव डेयरी के सामने गली की बदहाल स्थिति

ये तस्वीरें गंगापुर सिटी के माल गोदाम रोड पर स्थित केशव डेयरी के सामने की गली की हैं, जहां साफ तौर पर लापरवाही देखी जा सकती है। हाल ही में नगर परिषद द्वारा अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया था, लेकिन अतिक्रमण हटाने के बाद सड़क को तोड़कर उसी हालत में छोड़ दिया गया।

📍 अतिक्रमण हटाया, लेकिन सड़क छोड़ दी अधूरी

स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर सड़क तो तोड़ दी गई, लेकिन उसके बाद उसकी मरम्मत नहीं की गई। इसी के साथ नालों की सफाई भी नहीं की गई, जिससे स्थिति और खराब हो गई है।

🗣️ शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार शिकायत की, लिखित रूप में वार्ड पार्षद को भी अवगत कराया और शिकायत को आगे भी बढ़ाया, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

⚠️ प्रशासन के हाथ में व्यवस्था, फिर भी हालात खराब

इस समय नगर परिषद की सभी व्यवस्थाएं प्रशासन के हाथ में हैं। एक तरफ एसडीएम और दूसरी तरफ एडीएम जैसे बड़े अधिकारी होने के बावजूद यदि उनके अधीन कर्मचारी काम नहीं करें, तो सवाल उठना लाजमी है।

क्या एक सफाई निरीक्षक को यह दिखाई नहीं देता कि नालों की सफाई हुई है या नहीं? एक ही बारिश ने व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है।

💬 जनता का सवाल: आखिर जिम्मेदार कौन?

हजारों-लाखों रुपये सैलरी पाने वाले अधिकारी और उनके अधीन कर्मचारी आखिर नगर परिषद में बैठकर क्या कर रहे हैं? क्या उन्हें शहर की समस्याएं दिखाई नहीं देती?

जब सब कुछ प्रशासन के हाथ में है, तो व्यवस्थाएं क्यों नहीं सुधर रही हैं? यह सबसे बड़ा सवाल बनता जा रहा है।

🚨 लोगों की परेशानी बढ़ी

एक वार्ड निवासी ने परेशान होकर अपनी शिकायत “द एक्सपोजर” तक पहुंचाई और बताया कि लोग काफी परेशान हैं।

  • सड़कों पर गंदगी बनी रहती है
  • पैदल निकलना मुश्किल
  • वाहनों का निकलना भी कठिन
  • इमरजेंसी स्थिति में बड़ी समस्या

📸 तस्वीरों में दिखी सच्चाई

तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि व्यवस्थाएं किस तरह की हैं। सवाल यह उठता है कि क्या अधिकारी और कर्मचारी केवल वसूली करने के लिए हैं, या जनता की समस्याओं का समाधान भी उनकी जिम्मेदारी है?

🧠 बड़ा सवाल

जब प्रशासन के हाथ में सारी व्यवस्था है, तो फिर कर्मचारियों से काम क्यों नहीं लिया जा रहा? आखिर ऐसी क्या वजह है कि लोगों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं?

📉 सफाई और कचरा प्रबंधन भी फेल

चाहे सफाई व्यवस्था की बात हो, नालों की सफाई या कचरा प्रबंधन—हर स्तर पर नगर परिषद व्यवस्था फेल नजर आ रही है।

निष्कर्ष

यह मामला केवल एक गली का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की लापरवाही को उजागर करता है। प्रशासन के हाथ में सब कुछ होने के बावजूद यदि व्यवस्थाएं सुधर नहीं रही हैं, तो यह चिंता का विषय है और जिम्मेदारों से जवाब मांगा जाना चाहिए।

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